क्यों कोलेस्ट्रॉल कम होने पर भी लोगों को आ रहे हैं हार्ट अटैक? डॉक्टर ने बताया कहां हो रही चूक

 जब भी हार्ट अटैक से बचने की बात आती है, तो हम अक्सर गलत दिशा में जा रहे होते हैं या कहें तो ‘गलत नुस्खे’ का इस्तेमाल कर रहे होते हैं। हमें लगता है कि हार्ट को सुरक्षित रखने का मतलब सिर्फ कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करना है, लेकिन अपोलो हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार का कहना है यह पूरी सच्चाई नहीं है। जी हां, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक स्टडी के हवाले से उन्होंने समझाया कि नींद की कमी और मानसिक समस्याएं हमारी हार्ट हेल्थ में बहुत बड़ा रोल प्ले करती हैं।2 करोड़ से ज्यादा लोगों पर हुई रिसर्च

हाल ही में 2 करोड़ 20 लाख से भी ज्यादा लोगों पर एक बहुत बड़ी स्टडी की गई, जिसके नतीजे हमारी आंखें खोलने वाले हैं:

गहरा मानसिक आघात (PTSD): जिन लोगों को PTSD होता है, उनमें हार्ट अटैक का खतरा 3 गुना तक ज्यादा देखा गया है।

डिप्रेशन: इससे हार्ट अटैक का खतरा काफी बढ़ जाता है।

एंजाइटी: यह भी दिल के दौरे के जोखिम को ऊपर ले जाती है।

खराब नींद: सही से न सो पाना आपके दिल के लिए सीधा खतरा है।
बीमारी के असली जड़ को कर रहे हैं नजरअंदाज

डॉक्टर का कहना है कि इतने स्पष्ट आंकड़ों के बावजूद, हमारी मेडिकल अप्रोच अभी भी पुरानी है। हम कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए ‘स्टेटिंस’ जैसी दवाइयां तो खूब लिखते और खाते हैं, लेकिन हम स्ट्रेस, बर्नआउट और खराब नींद को पूरी तरह से नजरअंदाज कर देते हैं।

Khushi Kumari
Author: Khushi Kumari

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