जिले में विशेष टीकाकरण सप्ताह के तहत जहां सामान्य टीकाकरण अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है, वहीं किशोरियों के लिए चल रहा ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण कार्यक्रम अभी भी काफी पीछे चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े इस असमान स्थिति को साफ तौर पर दर्शाते हैं।
21 मार्च तक चल रहे विशेष टीकाकरण सप्ताह के पहले दो दिनों में 94 शिविर आयोजित कर 609 लाभार्थियों को टीके लगाए गए, जो निर्धारित लक्ष्य 574 से अधिक है। गर्भवती महिलाओं के लिए तय 155 टीकों के मुकाबले 173 टीकाकरण किए गए। इसके अलावा टीडी-10 के 86 और टीडी-16 के 56 टीके लगाए गए, जबकि खसरा, मीजल्स और रुबेला जैसी बीमारियों से बचाव के लिए भी अभियान तेज किया गया है।
इसके विपरीत 14 वर्ष की किशोरियों के लिए चल रहा एचपीवी टीकाकरण अभियान अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रहा है। जिले में 18 हजार से अधिक किशोरियों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अब तक केवल 190 किशोरियों को ही वैक्सीन लगाई जा सकी है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि अभिभावकों में जागरूकता की कमी और भ्रांतियां इस धीमी प्रगति की मुख्य वजह हैं।
डिप्टी सीएमओ डॉ. जय प्रकाश राजरीवाल ने बताया कि टीकाकरण अभियान को गति देने के लिए स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और चौपालों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। साथ ही कंस्ट्रक्शन साइट, मलिन बस्तियों और ईंट-भट्ठों को उच्च जोखिम क्षेत्र मानकर वहां विशेष टीमें तैनात की गई हैं।







