कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सदन में यह जानकारी दी कि प्रत्येक विधानसभा में वहां के विधायकों की अनुशंसा पर एक-एक कोल्ड स्टोरेज का निर्माण होगा। वर्तमान में भी किसानों की सुविधा को लेकर जिलों में कोल्ड स्टोरेज की उपलब्धता है।
उन्होंने डुमरी से झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के विधायक जयराम कुमार महतो के अल्पसूचित प्रश्न पर यह जानकारी सदन को दी। विधायक जयराम कुमार महतो ने यह सवाल उठाया था कि किसानों के अनुपात में कोल्ड स्टोरेज नहीं होने से किसान कम दामों पर भी अपनी फसल बेचने पर विवश हैं।उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में संचालित कोल्ड स्टोरेज, किसान एवं बैंक का समन्वय नहीं होने के कारण कोल्ड स्टोरेज में किसानों के स्टोर फसलों पर बैंक से ऋण प्राप्त नहीं हो पाता है। इसपर कृषि मंत्री ने कहा कि कोल्ड स्टोरेज में स्टोर फसलों पर बैंक ऋण का प्रविधान नहीं है।चेकडैम का रखरखाव जल संसाधन विभाग का नहीं, मनरेगा से होगा
मंत्री हफीजुल हसन ने सदन को बताया कि झारखंड सरकार के माध्यम से पूर्व में विभिन्न क्षेत्रों में बनाए गए चेक डैम व सीरीज आफ चेक डैम की मरम्मत की जिम्मेदारी जल संसाधन विभाग की नहीं, बल्कि मनरेगा की है।
चेक डैमों के मरम्मत का यह मामला सिमरिया से भाजपा के विधायक कुमार उज्जवल दास ने सदन में उठाया था। उन्होंने कहा कि मरम्मत के अभाव में इन डैमों की वर्तमान स्थिति जर्जर हो चुकी है। कई स्थानों पर जल जमाव की समस्या उत्पन्न हो चुकी है।
उनमें स्थापित लिफ्ट इरिगेशन योजनाएं भी उपयोगहीन हो गई हैं, जिसके चलते किसानों को सिंचाई का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसपर मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे इसे दिखाएंगे। जरूरत पड़ी तो इंटकवेल का निर्माण कराएंगे।







