सर्पदंश से होने वाली मृत्यु को लेकर केंद्र और राज्य सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। इसे अधिसूचित बीमारी में शामिल किया गया है। अब सर्पदंश के त्वरित इलाज, दवा की व्यवस्था और बेहतर हो पाएगी।
धनबाद में प्रत्येक वर्ष लगभग 1100 लोग सर्पदंश के शिकार हो रहे हैं। इसमें लगभग 150 पीड़ित की जान चली जा रही है। ऐसे में अधिसूचित श्रेणी में शामिल हो जाने के बाद बेहतर चिकित्सकीय सेवा मिल पाएगी।
सरकार की घोषणा के बाद स्वास्थ्य विभाग धनबाद में भी अब इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इससे पहले सरकार की ओर से टीबी और डेंगू को अधिसूचित बीमारी में शामिल किया गया है।
इसके अलावा कई अन्य बीमारियां भी शामिल है। सिविल सर्जन डा आलोक विश्वकर्मा ने बताया कि अधिसूचित बीमारी में शामिल होने का उद्देश्य बीमारी होने पर मरीज को त्वरित इलाज और बेहतर चिकित्सा की सेवा उपलब्ध कराना है और मृत्यु दर कम करना है।निजी अस्पतालों को भी अनिवार्य रूप से देनी होगी जानकारी
अधिसूचित रोग शामिल हो जाने के बाद सर्पदंश के हर मामले को स्वास्थ्य विभाग को जानकारी देनी होगी। मरीज की स्थिति, उसे दी जाने वाली एंटी स्नेक वेनम, हर दिन का मेडिकल अपडेट सिविल सर्जन कार्यालय को देना होगा।







