पनीर खरीदने से पहले हो जाएं सावधान! कहीं ‘एनालॉग पनीर’ तो नहीं खा रहे, प्रोटीन की जगह ज्यादा फैट

अगर आप सेहत के लिए पनीर को अपनी डाइट का हिस्सा बनाते हैं तो इसे खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच करना बेहद जरूरी है। बाजार में मिलने वाला हर पनीर असली दूध से तैयार नहीं होता। कुछ मामलों में एनालॉग पनीर के नाम पर ऐसे उत्पाद बेचे जाने की बात सामने आई है, जिनमें दूध से मिलने वाले प्रोटीन की तुलना में फैट की मात्रा अधिक होती है।

जानकारी के मुताबिक, एनालॉग पनीर तैयार करने में दूध के बजाय सोयाबीन, पामोलिन ऑयल और वनस्पति जैसे विकल्पों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे पनीर की पहचान स्वाद और बनावट से करने की कोशिश की जा सकती है। अगर पनीर का स्वाद दूध जैसा नहीं है या उसमें सामान्य पनीर की तुलना में ज्यादा खिंचाव महसूस होता है तो उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

महाराष्ट्र में एनालॉग पनीर की बिक्री पर रोक

एनालॉग पनीर की बिक्री को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने इस पर पूरी तरह रोक लगा दी है। वहीं, जिले में इसके कारोबार का सालाना आंकड़ा करीब 10 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। यहां इसकी खपत भी बड़े स्तर पर होने की बात सामने आई है।

जानकारी के अनुसार, जिले में हर दिन करीब 150 क्विंटल पनीर की खपत होती है। ऐसे में बाजार में बिकने वाले पनीर की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।

एक साल में 70 फीसदी सैंपल फेल

रिपोर्ट के मुताबिक, बीते एक साल में लिए गए पनीर के नमूनों में करीब 70 प्रतिशत सैंपल फेल हो चुके हैं। इन मामलों में संबंधित रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।

बताया गया है कि नमूनों से जुड़े सभी मामले एडीएम सिटी कोर्ट में विचाराधीन हैं। अधिकारियों की ओर से खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई जारी है।

ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है कि वे पनीर खरीदते समय उसकी पैकेजिंग, लेबल और गुणवत्ता संबंधी जानकारी जरूर जांचें। संदिग्ध उत्पाद मिलने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को इसकी जानकारी दी जा सकती है।#Paneer #AnalogPaneer #FoodSafety #PaneerQuality #HealthNews #FoodAdulteration #MaharashtraNews #FoodSafetyNews #HealthTips #MilkProducts

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