महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय ने रोगियों की सुविधा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नई पहल की है। शुक्रवार को कुलपति डॉ. के. रामचंद्र रेड्डी और आयुष विभाग के विशेष सचिव हरिकेश चौरसिया ने औषधि वितरण केंद्र का निरीक्षण किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय ने रोगियों को नि:शुल्क दी जाने वाली औषधियों को जूट के थैले में देने की नई व्यवस्था की शुरुआत की। विशेष सचिव हरिकेश चौरसिया ने बताया कि जूट के थैले का उद्देश्य रोगियों को औषधियां सुरक्षित रूप से घर तक ले जाने में सुविधा प्रदान करना है, साथ ही यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
कुलपति डॉ. के. रामचंद्र रेड्डी ने कहा कि जूट के थैले पूरी तरह से पर्यावरण-अनुकूल हैं और इसका उपयोग विश्वविद्यालय द्वारा दी जाने वाली औषधियों में किया जाएगा।
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