कट्टरपंथ से उभरते खतरे पर गृह सचिव की चेतावनी, युवाओं को हिंसा में झोंकने की साजिशों पर सतर्कता जरूरी

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने देश के समक्ष उभरते सुरक्षा खतरों, विशेष रूप से कट्टरपंथ से जुड़ी चुनौतियों को लेकर अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि कमजोर और भटके हुए युवाओं को निशाना बनाकर उनकी भर्ती और शोषण किया जा रहा है तथा उन्हें सुनियोजित तरीके से हिंसक गतिविधियों में धकेलने की कोशिशें तेज हुई हैं। ऐसे प्रयासों की समय रहते पहचान कर उन्हें विफल करना देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।

गृह सचिव ने ये बातें 27 दिसंबर को आयोजित दो दिवसीय आतंकवाद रोधी सम्मेलन–2025 के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहीं। यह सम्मेलन राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें देश की आतंकवाद-रोधी रणनीतियों और क्षमताओं को और अधिक मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।

सम्मेलन के दौरान विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और वास्तविक समय में खुफिया सूचनाओं के निर्बाध आदान-प्रदान की जरूरत पर विशेष जोर दिया गया। इस उद्देश्य से एक आदर्श एंटी-टेरर स्क्वाड (ATS) ढांचे की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई, जिससे आतंकवादी गतिविधियों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

अधिकारियों का मानना है कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य में कट्टरपंथी नेटवर्क युवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में केंद्र और राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच मजबूत तालमेल और तकनीकी रूप से सक्षम तंत्र विकसित करना समय की मांग बन गया है।#InternalSecurity #Radicalisation #AntiTerrorism #NIA #GovindMohan #CounterTerrorism #NationalSecurity

Khushi Kumari
Author: Khushi Kumari

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