ब्राह्मण समाज की बेटियों के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अरुण उपाध्याय द्वारा मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के विरुद्ध दायर परिवाद पर गुरुवार को अदालत में बहस हुई। मामले की सुनवाई एसीजेएम प्रथम शुभम वर्मा की अदालत में की गई।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने प्रकरण की पोषणीयता (Maintainability) पर आदेश सुरक्षित रखते हुए 22 जनवरी की तिथि निर्धारित की है।
अदालत में दाखिल परिवाद के अनुसार, 26 नवंबर 2025 को प्रकाशित एक समाचार में आईएएस संतोष वर्मा का आरक्षण से जुड़ा बयान पढ़कर परिवादी की भावनाएं आहत हुईं। आरोप है कि उक्त बयान में ब्राह्मण समाज की बेटियों को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की गई थी, जिसे समाज विशेष के सम्मान के खिलाफ बताया गया है।
परिवादी का कहना है कि एक जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी द्वारा इस प्रकार की टिप्पणी सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंचाने वाली है। इसी आधार पर अदालत से विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की गई है।IAS_संतोष_वर्मा
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