झारखंड-ओडिशा सीमा पर हाथी का कहर, एक हफ्ते में 21 की मौत, इलाका रेड अलर्ट पर

झारखंड-ओडिशा सीमा पर स्थित मझगांव प्रखंड के बेनीसागर क्षेत्र में एक जंगली हाथी बीते एक सप्ताह से आतंक का पर्याय बना हुआ है। शुक्रवार को हाथी के हमले में दो और ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद एक सप्ताह में हाथी के हमले से मरने वालों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है।

वन विभाग के अनुसार, हाथी को फिलहाल तिलोकुटी गांव के समीप एक छोटे जंगल क्षेत्र में घेर लिया गया है, लेकिन स्थिति अब भी अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है।

शुक्रवार की घटना में मची अफरातफरी
शुक्रवार सुबह हाथी हाटगमरिया मार्ग से होते हुए खैरपाल के रास्ते घोड़बंदा-बेनीसागर क्षेत्र में पहुंचा। हाथी की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। इसी दौरान हाथी ने अचानक हमला कर दिया।

हमले में 40 वर्षीय प्रकाश मालवा की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब हाथी एक मासूम बच्चे को उठाकर जंगल के भीतर ले गया, जहां उसकी भी जान चली गई। बताया जा रहा है कि हाथी अब भी बच्चे के शव के आसपास ही घूम रहा है, जिससे रेस्क्यू टीम को आगे बढ़ने में भारी मुश्किल हो रही है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में विशेषज्ञ भी घायल
हाथी को काबू में करने के लिए वन विभाग ने पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा से विशेषज्ञों को बुलाया है। रेस्क्यू के दौरान विशेषज्ञ सुखलाल बेहरा जब हाथी के पास पहुंचे, तभी हाथी ने उन्हें दौड़ाकर चपेट में ले लिया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर हाथी पीछे हटा, जिससे उनकी जान बच गई, लेकिन वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बेहतर इलाज के लिए ओडिशा के ररुआं अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

फिलहाल मौके पर झारखंड, ओडिशा और गुजरात के ‘वनतारा’ प्रोजेक्ट की संयुक्त विशेषज्ञ टीमें मौजूद हैं। हाथी को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) करने के लिए जेसीबी मशीनों से जंगल में घेराबंदी की जा रही है।

रेड अलर्ट, मुख्य सड़क बंद
हाथी के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने झारखंड-ओडिशा मुख्य मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया है। आसपास के गांवों को खाली कराया गया है और क्षेत्र में धारा 144 जैसी स्थिति बनी हुई है।

मझगांव थाना पुलिस और अंचल अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं, ताकि भीड़ को हाथी के नजदीक जाने से रोका जा सके। वन विभाग की प्राथमिकता सूर्यास्त से पहले हाथी को काबू में करना है, क्योंकि अंधेरा होने के बाद अभियान और अधिक जोखिम भरा हो सकता है।

वन क्षेत्र पदाधिकारी जितेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि विभाग की मेडिकल टीम मौके पर मौजूद है और हालात के अनुसार हाथी को बेहोश करने की कार्रवाई की जाएगी। इस विशेष अभियान में दलमा, जमशेदपुर, नोवामुंडी, हाटगमरिया, बंगाल के विशेषज्ञों और क्यूआरटी (QRT) दलों को भी तैनात किया गया है।हाथी_आतंक

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Author: Khushi Kumari

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