तमिलनाडु के थिरुप्परंकुंड्रम पहाड़ी पर स्थित अरुलमिगु सुब्रमणिया स्वामी मंदिर में दीप जलाने की अनुमति को लेकर नया विवाद सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट में उस आदेश के खिलाफ याचिका दायर की गई है, जिसमें मद्रास हाई कोर्ट ने दीप जलाने की सशर्त अनुमति दी थी।
📌 हाई कोर्ट का आदेश
- मद्रास हाई कोर्ट ने कहा था कि मंदिर में दीप जलाने की अनुमति केवल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और पुलिस की मंजूरी पर निर्भर करेगी।
- यह फैसला मंदिर परिसर और पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व संरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिया गया था।
📌 सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
- मूल याचिकाकर्ता राम रविकुमार ने हाई कोर्ट के निर्देशों को गैरकानूनी बताते हुए चुनौती दी है।
- उनका कहना है कि यह आदेश सिविल कोर्ट के उन बाध्यकारी निर्णयों का कमजोर रूपांतरण है, जिनमें मंदिर के स्वामित्व और पहाड़ी पर नियंत्रण को मान्यता दी गई थी।
- याचिका में इसे एक आवश्यक धार्मिक प्रथा में “अनधिकृत न्यायिक हस्तक्षेप” करार दिया गया है।
📌 महत्व
- मामला धार्मिक परंपरा और न्यायिक हस्तक्षेप के बीच संतुलन का है।
- सुप्रीम कोर्ट का फैसला मंदिर में धार्मिक गतिविधियों और प्रशासनिक नियंत्रण के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
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