छत से गिरने के बाद घायल हुई एक मासूम बच्ची को गलत इलाज की भारी कीमत चुकानी पड़ी। पैर की हड्डी टूटने के बाद लगाए गए कथित रूप से गलत प्लास्टर के कारण संक्रमण फैल गया, जिसके चलते डॉक्टरों को बच्ची का पैर काटना पड़ा। इस घटना के बाद बच्ची को जीवन भर दिव्यांग रहना पड़ेगा।
पीड़ित पिता ने मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई, जिससे पैर में सड़न फैलती चली गई। जब स्थिति गंभीर हो गई, तब मजबूरी में पैर काटने का निर्णय लिया गया।
मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से शिकायत की, जिसके बाद डीएम ने मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
पड़ई गांव निवासी अनिल कुमार अपनी पांच वर्षीय दिव्यांग हो चुकी बेटी मानवी और अन्य स्वजनों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। परिजनों ने बताया कि 23 दिसंबर 2025 को उनकी पांच वर्षीय पुत्री मानवी छत से गिर गई थी, जिससे उसके पैर की हड्डी टूट गई थी। इसके बाद उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान कथित लापरवाही का यह मामला सामने आया।
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।#MedicalNegligence #HealthNews #ChildInjury #HospitalLapse #DMAction #BreakingNews #UPNews