देवभूमि उत्तराखंड में अब श्रद्धालुओं के लिए ‘बर्फानी वैभव’ के दर्शन की राह और आसान होने जा रही है। सीमावर्ती चमोली जिले की नीती घाटी में समुद्रतल से 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित टिम्मरसैंण महादेव की गुफा में हर साल प्राकृतिक रूप से बर्फ का शिवलिंग आकार लेता है। यही कारण है कि इस स्थान को श्रद्धालु ‘छोटा अमरनाथ’ भी कहते हैं।
सरकार की तैयारियां
फरवरी के आखिर में शुरू होने वाली टिम्मरसैंण महादेव यात्रा को देखते हुए सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की देखरेख में यहां 17 करोड़ रुपये की लागत से यात्री सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे।
गुफा तक पहुंच
नीती घाटी में स्थित यह गुफा नीती गांव से लगभग दो किलोमीटर की पैदल दूरी पर है। सर्दियों में यहां बर्फ का शिवलिंग आकार लेता है, जिसके दर्शन के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। अब तक सुविधाओं के अभाव के कारण यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस बार स्थिति बदलने की उम्मीद है।
आस्था और आकर्षण
फरवरी मध्य या अंत तक हिमलिंग का आकार बनने पर यात्रा शुरू होती है। श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान धार्मिक आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत अनुभव भी प्रदान करता है। सरकार की ओर से की जा रही तैयारियां इस यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही हैं।
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