तराई क्षेत्र यानी ऊधम सिंह नगर में फर्जीवाड़े के जरिए ओबीसी प्रमाणपत्र तैयार किए जाने का मामला सामने आया है। इन प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और नौकरी हासिल करने में किया जा रहा है। सबसे अधिक शिकायतें किच्छा तहसील से जुड़ी हुई हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुमाऊं कमिश्नर एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने एडीएम ऊधम सिंह नगर पंकज उपाध्याय को तलब कर जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि साक्ष्य जुटाने के बाद दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
शनिवार को कमिश्नर दीपक रावत की जनसुनवाई में कुमाऊं के विभिन्न हिस्सों से लोग पहुंचे। एक व्यक्ति ने बताया कि फर्जी तरीके से ओबीसी प्रमाणपत्र बनाने की शिकायत सीएम पोर्टल से लेकर स्थानीय अधिकारियों तक की गई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अब प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।#OBCFraud #UdhamsinghNagar #KumaonCommissioner #FakeCertificate #Investigation