सूरजकुंड शिल्प मेले के पहले रविवार को उमड़े 30 हजार सैलानी, बारिश के बाद धूप ने लौटाई रौनक

39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले के पहले रविवार को मेले में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। लगभग 30 हजार पर्यटक इस प्रतिष्ठित शिल्प मेले का दीदार करने पहुंचे। रंग-बिरंगे स्टॉल, लोकसंस्कृति और पारंपरिक शिल्प ने मेले को जीवंत बना दिया।

मेले के खूबसूरत वातावरण में मस्ती और सांस्कृतिक रंग बिखरे नजर आए। बड़ी और छोटी चौपाल पर देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने अपनी लोक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। नृत्य, संगीत और पारंपरिक कलाओं ने मेले की आकर्षण क्षमता को और बढ़ा दिया।

हालांकि, रविवार सुबह कुछ समय के लिए हुई हल्की वर्षा के कारण यह आशंका जताई जा रही थी कि इससे मेले की रौनक प्रभावित हो सकती है। लेकिन कुछ ही देर बाद धूप निकल आने से यह आशंका पूरी तरह निर्मूल साबित हुई।

बारिश के चलते मेला प्रांगण में दर्शकों की संख्या अपेक्षाकृत कुछ कम जरूर रही, लेकिन इसका मेले की समग्र गतिविधियों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा। राहत की बात यह रही कि वर्षा से किसी भी शिल्पकार या उनके उत्पादों को कोई नुकसान नहीं हुआ।

सूरजकुंड शिल्प मेला एक बार फिर भारतीय लोककला, संस्कृति और आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूती से प्रस्तुत करता नजर आया।
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Khushi Kumari
Author: Khushi Kumari

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