जम्मू-कश्मीर के सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों को संक्रमण से बचाने के लिए कई स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन ये उपाय पूरी तरह प्रभावी साबित नहीं हो पा रहे हैं। अस्पतालों के वार्ड, इमरजेंसी यूनिट और क्रिटिकल केयर ब्लॉक तक में मरीजों पर संक्रमण का खतरा लगातार बना हुआ है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अस्पतालों में संक्रमण से जुड़े मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं। कई मामलों में संक्रमण के कारण मरीजों पर दवाओं का असर भी कम हो जाता है, जिससे इलाज की प्रक्रिया लंबी और जटिल हो जाती है।
जम्मू के सबसे बड़े सरकारी मेडिकल संस्थान जीएमसी जम्मू से लेकर जिला अस्पतालों, उप जिला अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं बताई जा रही है। अस्पतालों में साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मचारियों की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि जीएमसी और श्री महाराजा गुलाब सिंह (एसएमजीएस) अस्पताल जम्मू की इमरजेंसी यूनिट में मरीजों का अत्यधिक दबाव रहता है। लगातार बढ़ते मरीज भार के कारण संक्रमण नियंत्रण के सभी मानकों को पूरी तरह लागू करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों में संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने, पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति और संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन जरूरी है। यदि इन पहलुओं पर गंभीरता से काम किया जाए तो अस्पतालों में संक्रमण के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।#JammuKashmir #HospitalInfection #HealthNewsIndia #GMCJammu #HospitalCleanliness #HealthcareCrisis #IndiaHealthNews #BreakingHealthNews