राजधानी और आसपास के बाजारों में इस समय गैर-मौसमी सब्जियों की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। बढ़ती कीमतों के कारण भिंडी, करेला, सहजन, कटहल, नेनुआ और परवल जैसी रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली सब्जियां आम लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही हैं।
सब्जी मंडियों में परवल और सहजन की कीमतें करीब 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी हैं। वहीं कटहल भी लगभग 100 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रहा है। लगातार बढ़ते दामों ने आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर असर डालना शुरू कर दिया है।
व्यापारियों के अनुसार, इस समय इन सब्जियों की स्थानीय स्तर पर आपूर्ति बेहद सीमित है। यही कारण है कि मांग को पूरा करने के लिए इन सब्जियों को बंगाल, बिहार और दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों से मंगाया जा रहा है।
जानकारों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर इन सब्जियों का उत्पादन आमतौर पर मार्च और अप्रैल के आसपास शुरू होता है। तब तक बाहरी राज्यों पर निर्भरता बनी रहने की संभावना है, जिससे कीमतों में नरमी आने में समय लग सकता है।
मंडी विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में बदलाव, परिवहन लागत और सीमित आपूर्ति भी कीमतों में बढ़ोतरी के प्रमुख कारण हैं। अगर स्थानीय उत्पादन समय पर शुरू होता है तो आने वाले समय में उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।#VegetablePriceHike #Mehngai #SabziRate #FoodInflation #MarketNews #IndiaNews #DailyNeeds #PriceRise