एक्सपायरी दवा कांड: PHC बरांव में स्वास्थ्य लापरवाही पर सवाल

नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) बरांव में एक्सपायरी डेट की दवा बांटे जाने का गंभीर मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम में फार्मासिस्ट की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है। खास बात यह है कि बच्चों को दी गई एजिथ्रोमाइसिन (Azithromycin) सीरप दिसंबर 2025 में ही एक्सपायर हो चुकी थी, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

सूत्रों के अनुसार, इस दवा वितरण में स्थानीय मेडिकल स्टोर और फार्मासिस्ट की संभावित मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। यदि जांच में यह पुष्टि होती है तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़े स्तर की लापरवाही और अनियमितता को उजागर करेगा। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जिन बच्चों को यह एक्सपायरी सीरप पिलाई गई, उनकी वर्तमान स्थिति क्या है और उन्हें कोई स्वास्थ्य नुकसान हुआ या नहीं—इसको लेकर अभी तक स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

यह मामला उस समय उजागर हुआ जब शुक्रवार को अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. राकेश शर्मा स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में दिसंबर 2025 में एक्सपायर हो चुकी एजिथ्रोमाइसिन सीरप का स्टॉक मिला। हालांकि इतनी बड़ी अनियमितता सामने आने के बावजूद तीन दिन तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) स्तर पर जांच टीम गठित कर औपचारिक कार्रवाई की गई, लेकिन अभी तक किसी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जांच निष्पक्ष और गहराई से की गई तो स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था की कई खामियां सामने आ सकती हैं।

इस घटना ने देश में पहले सामने आ चुके समान मामलों की याद दिला दी है। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में जहरीली कफ सीरप पीने से बच्चों की मौत का मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा था। वहीं प्रयागराज में भी बच्चों को एक्सपायरी दवाएं बांटे जाने का मामला सामने आया था। इन घटनाओं के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं में सुधार न होना चिंता का विषय है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में दवा स्टॉक की नियमित मॉनिटरिंग, डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम और जवाबदेही तय करने की व्यवस्था मजबूत करना बेहद जरूरी है। यदि इस तरह की लापरवाही पर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो यह भविष्य में और गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है।

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और स्वास्थ्य विभाग की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
#HealthNegligence #ExpiredMedicineCase #PHCBarav #MedicalScam #Azithromycin #PublicHealthIndia #HealthDepartment #MedicalInvestigation #IndiaHealthNews #HospitalNegligence

Khushi Kumari
Author: Khushi Kumari

Leave a Comment

शहर चुनें