देश की संसदीय राजनीति में आरोप–प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इसी बीच कांग्रेस की महिला सांसदों और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के बीच विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। महिला सांसदों ने अध्यक्ष को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि उन पर सरकार के दबाव में काम करने का दबाव बनाया जा रहा है और विपक्षी महिला सांसदों पर झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए गए।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा विवाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान हुई घटनाओं के बाद सामने आया। महिला सांसदों ने अपने पत्र में कहा कि लोकसभा अध्यक्ष का पद संवैधानिक रूप से निष्पक्षता और सदन की गरिमा बनाए रखने का प्रतीक है। ऐसे में किसी भी राजनीतिक दबाव में निर्णय लेना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ माना जाएगा।
महिला सांसदों का कहना है कि उन्हें केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे सरकार से जवाबदेही मांग रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष पर सत्तारूढ़ दल के दबाव में विपक्ष की महिला सांसदों के खिलाफ “झूठे, निराधार और मानहानिकारक आरोप” लगाने का दबाव बनाया गया।
पत्र में यह भी दावा किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सदन में अनुपस्थिति को लेकर जो तर्क दिया गया, वह सही नहीं है। महिला सांसदों ने कहा कि प्रधानमंत्री की गैरमौजूदगी किसी खतरे की वजह से नहीं थी, बल्कि विपक्ष का सामना करने से बचने का फैसला था।
महिला सांसदों ने यह भी कहा कि संसदीय परंपरा के मुताबिक धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान पहले सत्ता पक्ष, फिर विपक्ष और उसके बाद प्रधानमंत्री जवाब देते हैं। लेकिन आरोप है कि इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और विपक्ष को पर्याप्त मौका नहीं दिया गया।
इसके साथ ही महिला सांसदों ने दावा किया कि विपक्षी सांसदों को सस्पेंड किया गया, जबकि सत्ता पक्ष के सांसदों को कथित तौर पर विशेष छूट दी गई। उन्होंने कहा कि इससे लोकसभा अध्यक्ष की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
दूसरी तरफ, इस पूरे विवाद के बाद भाजपा की महिला सांसदों ने स्पीकर का समर्थन किया और विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने और हंगामा करने के आरोप लगाए।
महिला सांसदों ने अपने पत्र में यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में काम करने वाली महिलाओं की ईमानदारी पर सवाल उठाना पूरे समाज की महिलाओं का अपमान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करती रहेंगी और डराने या दबाव में आने वाली नहीं हैं।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब संसद में सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन सकता है।
#ParliamentNews #Congress #LokSabha #OmBirla #IndianPolitics #PMModi #WomenMPs #PoliticalNews #DelhiPolitics #BreakingNewsIndia