लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव से पहले अहम प्रशासनिक कदम उठाया है। असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में अप्रैल–मई में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों के मद्देनजर आयोग ने मंगलवार को संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों को सख्त निर्देश जारी किए।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव ड्यूटी से जुड़े ऐसे सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित किया जाए, जो अपने गृह जिले में तैनात हैं। इसके अलावा वे अधिकारी भी इस दायरे में आएंगे, जिन्होंने किसी एक जिले में पिछले चार वर्षों के दौरान तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं या 31 मई तक तीन वर्ष पूरे कर लेंगे। पुडुचेरी के मामले में यह समयसीमा 30 जून तक निर्धारित की गई है।
निर्वाचन आयोग का मानना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती से निष्पक्षता को लेकर संदेह की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में प्रशासनिक निष्पक्षता बनाए रखने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम आवश्यक है। आयोग ने यह भी रेखांकित किया कि चुनाव से जुड़े अधिकारी किसी भी प्रकार के पक्षपात या हितों के टकराव से मुक्त रहें, ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान संभव हो सके।
निर्देशों के अनुसार, संबंधित राज्य सरकारों को इन तबादलों की अनुपालन रिपोर्ट शीघ्र आयोग को उपलब्ध करानी होगी। चुनावी प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक तंत्र की निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आयोग पहले भी इसी प्रकार के दिशा-निर्देश जारी करता रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह निर्णय चुनावी पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे चुनाव से जुड़े अधिकारियों की तटस्थता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और मतदाताओं का भरोसा भी सुदृढ़ होगा।#ElectionCommission #AssemblyElections #OfficerTransfer #FreeAndFairElections #ECI #IndiaElections