जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में रविवार देर रात छात्र संगठनों के बीच तनाव उस समय हिंसा में बदल गया, जब कथित तौर पर अलग-अलग विचारधाराओं से जुड़े छात्रों के बीच टकराव हो गया। इस घटना ने कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले के अनुसार, वामपंथी छात्र संगठनों पर आरोप लगाया गया है कि झड़प के दौरान एक छात्र को उसके कमरे में बंद कर दिया गया और उसके ऊपर फायर एक्सटिंग्विशर छोड़ दिया गया। इस घटना के बाद संबंधित छात्र की तबीयत बिगड़ गई और उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी।
घटना के बाद सामने आए वीडियो में बायोटेक्नोलॉजी के छात्र प्रतीक भारद्वाज ने अपने साथ हुई घटना का जिक्र किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ छात्र समूह ठंडे और चाकू जैसे हथियारों के साथ परिसर में घूम रहे थे, जिससे माहौल और अधिक भयावह हो गया।
वीडियो में छात्र ने यह भी कहा कि यदि उसके साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसके लिए गार्ड, पुलिस और वामपंथी छात्र संगठन जिम्मेदार होंगे। यह बयान घटना की गंभीरता को और बढ़ाता है।
इस पूरे घटनाक्रम के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें कैंपस के अंदर अफरा-तफरी और तनाव का माहौल देखा जा सकता है। हालांकि, प्रशासन और पुलिस की ओर से इस मामले पर विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है।
फिलहाल, यह घटना एक बार फिर विश्वविद्यालय परिसरों में बढ़ती राजनीतिक हिंसा और छात्र सुरक्षा के मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ले आई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती कैंपस में शांति बहाल करना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।#JNUClash #JNUNews #CampusViolence #StudentPolitics #DelhiNews #BreakingNews