देशभर में हवा की गुणवत्ता को मापने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (National Ambient Air Quality Standards) में करीब 17 साल बाद बड़ा बदलाव होने की संभावना बन गई है। यह बदलाव खासतौर पर दिल्ली एनसीआर समेत उन शहरी इलाकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां वायु प्रदूषण लगातार गंभीर समस्या बना हुआ है।
IIT कानपुर ने सौंपी अंतिम तकनीकी रिपोर्ट
इस दिशा में अहम कदम उठाते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (IIT Kanpur) ने संशोधित मानकों को लेकर अपनी अंतिम तकनीकी रिपोर्ट केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) को सौंप दी है।
यह रिपोर्ट देश में वायु गुणवत्ता मापने के पैमानों को अपडेट करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज मानी जा रही है, जिससे भविष्य में प्रदूषण नियंत्रण नीतियों को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
RTI के जरिए हुआ खुलासा
इस पूरे मामले की जानकारी एक आरटीआई के माध्यम से सामने आई है। सामाजिक कार्यकर्ता अमित गुप्ता द्वारा दायर आरटीआई के जवाब में CPCB ने पुष्टि की है कि IIT कानपुर की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है और आगे की प्रक्रिया जारी है।
क्या होगा असर
यदि ये नए मानक लागू होते हैं, तो देश में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम और भी सख्त और वैज्ञानिक आधार पर आधारित हो जाएगा। इससे न केवल प्रदूषण के स्तर को बेहतर तरीके से मापा जा सकेगा, बल्कि नीतिगत फैसलों में भी पारदर्शिता और सटीकता आएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से शहरी प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़ा प्रभाव देखने को मिल सकता है।#AirQuality #AQI #Pollution #DelhiNCR #IITKanpur #CPCB #EnvironmentNews