कोलकाता में ऐतिहासिक कलकत्ता ट्राम सर्विस के 153 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष हेरिटेज राइड का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहरवासियों और ट्राम प्रेमियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया और इस ऐतिहासिक परिवहन व्यवस्था का जश्न मनाया।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि दूसरे विश्व युद्ध के समय बनी लकड़ी की ट्राम ‘गीतांजलि’ को एक बार फिर ट्रैक पर उतारा गया। इस विशेष राइड का आयोजन कलकत्ता ट्राम यूजर्स एसोसिएशन द्वारा किया गया, जिसने इस ऐतिहासिक धरोहर को जीवंत करने का प्रयास किया।
‘गीतांजलि’ ट्राम, जिसे ट्राम नंबर 498 के नाम से भी जाना जाता है, अपने समय की एक अनोखी पहचान रही है। यह ट्राम द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नोनापुकुर वर्कशॉप में ब्लैकआउट की परिस्थितियों में लकड़ी से तैयार की गई थी, जो उस दौर की तकनीकी और संसाधन सीमाओं का प्रतीक है।
हेरिटेज राइड के दौरान ट्राम प्रेमियों ने शंख बजाकर और उत्साह के साथ इस ऐतिहासिक यात्रा का आनंद लिया। इस आयोजन ने न केवल शहर के गौरवशाली अतीत की झलक दिखाई, बल्कि नई पीढ़ी को भी इस विरासत से जोड़ने का काम किया।
कोलकाता की ट्राम सेवा लंबे समय से शहर के सांस्कृतिक ताने-बाने का अहम हिस्सा रही है। यह न केवल एक परिवहन साधन है, बल्कि शहर की पहचान और विरासत का प्रतीक भी है।
इस आयोजन के जरिए यह संदेश भी दिया गया कि आधुनिकता के दौर में भी ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित रखना उतना ही जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास से जुड़ी रह सकें।#Kolkata #Tram #HeritageRide #CalcuttaTram #History #WestBengal #Transport #India