फरीदाबाद। राज्य में मिड-डे मील के तहत बाल वाटिका से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को दिए जाने वाले खाद्य पदार्थों—जैसे खीर, पिन्नी और अन्य—की गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच अब एमडीयू (MDU) के प्रोफेसरों द्वारा की जाएगी।
यह पहली बार है जब इस तरह की जांच शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बजाय विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों को सौंपा गया है। शिक्षा विभाग ने इसे बच्चों के स्वास्थ्य और पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया कदम बताया है।
जांच की प्रक्रिया
शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों से बाल वाटिका से लेकर आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या और संबंधित जानकारी 28 फरवरी तक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। जानकारी मिलने के बाद एमडीयू की टीम स्कूलों में जाकर मिड-डे मील के खाद्य पदार्थों की जांच शुरू करेगी।
फरीदाबाद में यह टीम होली के बाद अपनी जांच का काम शुरू कर सकती है।
शिकायतें बढ़ीं तो हुई कार्रवाई
हाल के दिनों में मिड-डे मील में मिलने वाली मिल्क बार को लेकर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों और बच्चों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत विभाग ने यह कदम उठाया है।
जांच के बाद यदि कोई खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य मानकों पर खरा नहीं उतरा, तो संबंधित स्कूलों और सप्लायरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।#MidDayMeal #FoodSafety #MDUInspection #HaryanaSchools #ChildHealth