यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर 8.3 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इस बढ़ोतरी के पीछे वस्तु एवं सेवा कर (GST) दरों में कटौती के कारण बढ़ी मांग और पिछले साल के ऊंचे आधार (बेस इफेक्ट) का योगदान माना जा रहा है।
रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि सकल मूल्य वर्धन (GVA) वृद्धि दर भी तीसरी तिमाही में लगभग 8 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 6.5 प्रतिशत से अधिक है। हालांकि, यह दूसरी तिमाही के 8.1 प्रतिशत से थोड़ी कम रह सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू मांग में सुधार और सरकारी नीतियों के सकारात्मक असर से अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहेगी। जीडीपी और जीवीए दोनों में यह वृद्धि संकेत देती है कि देश की आर्थिक गतिविधियां अपेक्षाकृत तेजी से बढ़ रही हैं।#IndiaGDP #EconomicGrowth #Q3FY2026 #GVA #GSTImpact #UnionBankReport