सास की हत्या कर शव को जलाने के सनसनीखेज मामले में अदालत ने दोषी नूरहसन उर्फ राजू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। करीब पांच साल पुराने इस मामले में न्यायालय ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे अतिरिक्त छह महीने की सजा भुगतनी होगी।
अदालत ने सुनाया कड़ा फैसला
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर.के. मेहत्ता की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद यह सजा सुनाई। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया।
डीएनए जांच से हुई पहचान
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पुलिस ने घटनास्थल से दांत सहित शरीर के कई अवशेष बरामद किए थे। इन नमूनों को मृतका जमीला की बेटी के डीएनए से मिलान के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि बरामद अवशेष जमीला के ही थे, जिससे मामले में अहम सबूत मिला।
आरोपी के खिलाफ अन्य मामले भी लंबित
दोषी नूरहसन पर अपनी पहली पत्नी की हत्या का मामला भी अदालत में लंबित है। वहीं, साली की हत्या कर शव जलाने के एक अन्य मामले में उसे पहले ही आरोपमुक्त किया जा चुका है।
अभियोजन ने पेश किए ठोस सबूत
एडीए बलजीत सिंघल ने बताया कि पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्य और डीएनए रिपोर्ट ने इस केस को मजबूत आधार दिया, जिसके चलते अदालत ने दोषी को सजा सुनाई।