पशुपालन विभाग डिजिटल: हर पशु को मिलेगा 12 अंकों का ‘पशु आधार’

देश में पशुपालन क्षेत्र को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पशुपालन विभाग अब डिजिटल मॉडल पर काम करते हुए पशुधन के संपूर्ण डाटा को ऑनलाइन दर्ज करने जा रहा है। इसके तहत नेशनल डिजिटल लाइव स्टॉक मिशन (NDLM) पोर्टल पर पशुओं और उनके पालकों का विस्तृत विवरण अपलोड किया जाएगा।

इस नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक पशु को 12 अंकों का एक यूनिक पहचान नंबर दिया जाएगा, जिसे ‘पशु आधार’ के रूप में जाना जाएगा। यह पहल पशुपालन क्षेत्र में पारदर्शिता, ट्रैकिंग और स्वास्थ्य प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

डिजिटल होगा पूरा पशुधन रिकॉर्ड

NDLM पोर्टल के माध्यम से अब पशुओं का पूरा डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाएगा। इस डेटाबेस में पशुपालकों की पहचान से लेकर पशुओं के स्वास्थ्य और नस्ल संबंधी जानकारी तक सभी विवरण दर्ज किए जाएंगे।

इसमें पशुपालक का आधार नंबर, मोबाइल नंबर, पशु की संख्या, जन्म और मृत्यु का रिकॉर्ड भी शामिल होगा। इसके अलावा, पशुओं के टीकाकरण, बीमारी और इलाज से जुड़ी पूरी जानकारी भी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी।

नस्ल और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस

इस डिजिटल प्रणाली में पशुओं की नस्ल (Breed) और उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रत्येक पशु के लिए अलग-अलग प्रोफाइल बनाई जाएगी, जिसमें उसकी उम्र, नस्ल, टीकाकरण की तारीख और इलाज का इतिहास दर्ज रहेगा।

इससे न केवल पशुओं की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी, बल्कि समय पर टीकाकरण और इलाज सुनिश्चित करना भी आसान होगा।

नियमित निगरानी से बढ़ेगी पारदर्शिता

डाटा फीडिंग की प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या जानकारी की कमी न रहे। इससे सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की सही पहचान भी संभव हो सकेगी।

यह व्यवस्था पशुपालन से जुड़ी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में भी मददगार साबित होगी। साथ ही, इससे फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी और सही लाभ सही व्यक्ति तक पहुंच सकेगा।

पशुपालकों को होंगे कई फायदे

इस डिजिटल पहल से पशुपालकों को कई प्रकार के लाभ मिलने की उम्मीद है।

  • पशुओं की स्वास्थ्य जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी
  • समय पर टीकाकरण और इलाज सुनिश्चित होगा
  • सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी
  • पशुओं की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी

इसके अलावा, किसी बीमारी के फैलने की स्थिति में भी तुरंत पहचान कर रोकथाम के उपाय किए जा सकेंगे।

पशुपालन क्षेत्र में आएगा बदलाव

विशेषज्ञों का मानना है कि NDLM पोर्टल के जरिए पशुपालन क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा। इससे डेटा आधारित निर्णय लेने में मदद मिलेगी और सरकार पशुधन से जुड़ी नीतियों को अधिक प्रभावी तरीके से लागू कर सकेगी।

डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से पशुधन की वास्तविक संख्या और उनकी स्थिति का सटीक आकलन किया जा सकेगा, जो भविष्य की योजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष

पशुपालन विभाग की यह पहल देश में डिजिटल क्रांति को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ‘पशु आधार’ और NDLM पोर्टल के जरिए न केवल पशुओं का रिकॉर्ड सुरक्षित और व्यवस्थित होगा, बल्कि पशुपालकों को भी सीधा लाभ मिलेगा।#NDLM #AnimalAadhaar #DigitalIndia #Livestock #AnimalHusbandry #TechInAgriculture #IndiaNews

Khushi Kumari
Author: Khushi Kumari

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