आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसा: चालक की झपकी से 2 की मौत

उत्तर प्रदेश के बांगरमऊ क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसने होली से पहले खुशियों को मातम में बदल दिया। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार से जा रहा एक लोडर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया, जिसमें चालक और एक मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हो गए।

झपकी बनी हादसे की वजह

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, लोडर चालक को अचानक झपकी आ गई, जिसके चलते वाहन नियंत्रण से बाहर हो गया। बताया जा रहा है कि लोडर लगभग 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहा था। जैसे ही चालक का संतुलन बिगड़ा, वाहन सीधे डिवाइडर से जा टकराया।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग बुरी तरह घायल हो गए।

चालक और बच्ची की मौके पर मौत

हादसे में 35 वर्षीय चालक मुरारी, निवासी माखी, और तीन वर्षीय बच्ची दीक्षा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास से गुजर रहे लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।

घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

होली पर घर लौट रहा था परिवार

घटना में घायल परिवार औरास क्षेत्र के अर्सेना गांव का रहने वाला है। जानकारी के अनुसार, मोनू नामक युवक अपने परिवार के साथ फरीदाबाद में फल की फैक्ट्री में काम करता है।

होली पर्व के मौके पर वह अपनी पत्नी बिट्टा, तीन वर्षीय बेटी दीक्षा और आठ वर्षीय बेटी वैष्णवी के साथ अपने गांव लौट रहा था।

दुर्भाग्यवश, रास्ते में ही यह हादसा हो गया, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

लोडर में सवार थीं 14 सवारियां

जानकारी के मुताबिक, जिस लोडर में यह परिवार सफर कर रहा था, उसमें करीब 14 लोग सवार थे। यह वाहन मूल रूप से माल ढुलाई के लिए होता है, लेकिन उसमें यात्रियों को बैठाकर ले जाया जा रहा था।

ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि नियमों की अनदेखी कर सवारियां ढोने की अनुमति कैसे दी जा रही थी।

प्रशासन जांच में जुटा

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में चालक को झपकी आना ही हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और लोडर में सवारियों को बैठाने जैसी लापरवाही के पहलू को भी देखा जा रहा है।

सुरक्षा नियमों पर फिर उठे सवाल

यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक्सप्रेसवे जैसे हाई-स्पीड मार्गों पर इस तरह की लापरवाही घातक साबित हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि चालक की थकान और नींद दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण बन रही है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

निष्कर्ष

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुआ यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीर चेतावनी भी है। त्योहारों के समय बढ़ती आवाजाही के बीच नियमों का सख्ती से पालन और सतर्कता ही ऐसे हादसों को रोक सकती है।#RoadAccident #UPNews #Expressway #HoliTravel #BreakingNews #SafetyFirst #IndiaNews

Khushi Kumari
Author: Khushi Kumari

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