जम्मू-कश्मीर में ऊन और मांस उत्पादन को बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत उच्च गुणवत्ता वाली विदेशी नस्लों की भेड़ और बकरियों का आयात किया जाएगा, जिससे पशुपालन क्षेत्र को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सरकारी योजना के अनुसार, रूस, फिनलैंड, दक्षिण अफ्रीका और स्विट्जरलैंड से रोमानोव और फिन नस्ल की भेड़ें, जबकि बोअर और स्विस अल्पाइन नस्ल की बकरियां लाई जाएंगी। इन नस्लों को उच्च उत्पादकता और बेहतर गुणवत्ता के लिए जाना जाता है।
औपचारिकताएं अंतिम चरण में
भेड़ एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बकरियों की बोअर और स्विस अल्पाइन नस्लों के आयात से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। उम्मीद है कि ये पशु इसी वर्ष के अंत तक जम्मू-कश्मीर पहुंच जाएंगे।
पिछले वर्ष भी हुआ था आयात
गौरतलब है कि सरकार ने पिछले वर्ष भी पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए विदेशों से करीब 1400 भेड़ों का आयात किया था। इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद अब इसे और विस्तार दिया जा रहा है।
पशुपालकों को होगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि इन उन्नत नस्लों के आने से प्रदेश में ऊन की गुणवत्ता में सुधार होगा और मांस उत्पादन भी बढ़ेगा। इससे न केवल स्थानीय पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
सरकार की यह पहल जम्मू-कश्मीर में पशुपालन सेक्टर को आधुनिक और लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।#JammuKashmir #AnimalHusbandry #SheepFarming #GoatFarming #Livestock #WoolProduction #MeatIndustry