हिंद महासागर में हाल ही में हुए एक बड़े सैन्य घटनाक्रम ने क्षेत्रीय सुरक्षा और सामरिक संतुलन को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार Iran की नौसेना के युद्धपोत IRIS Dena को टॉरपीडो हमले में डुबो दिया गया। यह घटना 4 मार्च 2026 को Sri Lanka के गैले तट के करीब अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में हुई।
बताया जा रहा है कि यह हमला कथित तौर पर United States की एक पनडुब्बी द्वारा किया गया। हमले के बाद जहाज कुछ ही समय में समुद्र में डूब गया।
80 से अधिक नाविकों की मौत
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इस हमले में ईरानी नौसेना के 80 से अधिक नाविकों की मौत हो गई। इसके अलावा कई नाविक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। घटना के बाद आसपास के समुद्री क्षेत्र में बचाव अभियान चलाया गया।
Sri Lanka Navy ने राहत एवं बचाव अभियान चलाते हुए 32 घायल नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
गैले तट के पास हुआ हमला
यह घटना श्रीलंका के प्रमुख तटीय शहर Galle से लगभग 40 नॉटिकल मील दूर अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में हुई। यह इलाका हिंद महासागर के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक समुद्री व्यापार गुजरता है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना ने हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और सामरिक संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। इस समुद्री क्षेत्र में पहले से ही कई वैश्विक शक्तियों की सैन्य मौजूदगी रहती है।
ऐसे में किसी भी सैन्य टकराव की घटना का असर सिर्फ क्षेत्रीय राजनीति ही नहीं बल्कि वैश्विक समुद्री सुरक्षा और व्यापार मार्गों पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल इस हमले को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।#IranNavy #IRISDena #IndianOcean #SriLanka #NavalConflict #WorldNews #Geopolitics