बिहार के बेतिया में एनएच 727 स्थित सुप्रिया रोड पर रविवार की देर शाम में ट्रक की ठोकर से डिलीवरी बॉय की मौत और दो महिलाओं के गंभीर रूप से घायल होने की घटना के बाद सर्विस लेन पर अतिक्रमण का मुद्दा उठा है।
हादसे के बाद इंटरनेट के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर लोग इस दुर्घटना के लिए सर्विस लेन के अतिक्रमणकारियों एवं निगम प्रशासन को जिम्मेदार मान रहे हैं।
लोगों का कहना है कि यदि राहगीरों के लिए बनाई गई सर्विस लेन खाली रहे, तो भीड़भाड़ वाले इस मार्ग पर पैदल चलने वालों को सुरक्षित रास्ता मिल सकेगा और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
कुछ वर्ष पूर्व सुप्रिया रोड पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए एनएच के दोनों किनारों पर हरिवाटिका चौक से छावनी होते हुए मनुआपुल तक सर्विस लेन का निर्माण कराया गया था, लेकिन निर्माण के साथ ही यह सर्विस लेन अतिक्रमण की चपेट में आ गई।सड़क पर अतिक्रमण
फिलहाल स्थिति यह है कि कई स्थानों पर सर्विस लेन का उपयोग गाड़ियों की मरम्मत, पंचर बनाने और अस्थायी गैराज के रूप में किया जा रहा है। बड़े व्यापारी इसे वाहन पार्किंग के तौर पर इस्तेमाल करते हैं, जिससे सर्विस लेन पर दिनभर छोटे-बड़े वाहनों की कतार लगी रहती है।कई जगहों पर ठेला-खोमचा लगाने वाले दुकानदार भी सर्विस लेन पर ही अपना व्यवसाय चला रहे हैं। कुछ स्थानों पर बालू और गिट्टी तक रखकर रास्ता घेर लिया गया है। जिस कारण पैदल यात्रियों को मजबूरन मुख्य सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
डीएम के आदेश के बाद भी अतिक्रमण मुक्त नहीं हुआ सर्विस लेन
सर्विस लेन को अतिक्रमण मुक्त कर आवागमन के लिए प्रशासन कई बार कोशिश की है। कुछ वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम ने भी सर्विस लेन को पूरी तरह खाली करने का आदेश दिया था। प्रशासन की ओर से समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की गई है।
अमूमन साल में दो-तीन बार सर्विस लेन से अतिक्रमण हटाया जाता है। नगर निगम इस अभियान पर लाखों रुपये खर्च कर चुका है, लेकिन कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद फिर से सर्विस लेन पर कब्जा हो जाता है। यही कारण है कि यह रास्ता आज तक पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका है।
18 फरवरी को ट्रक से कुचलकर सेवानिवृत कर्मी की हुई थी मौत
करीब एक माह पहले 18 फरवरी को स्टेशन चौक के पास सड़क पार करने के दौरान बगहा के बौद्ध नगर न्यू कॉलोनी वार्ड 24 निवासी माप तौल विभाग के सेवानिवृत्त कर्मी रामधारी मांझी (61) की ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई थी।सड़क किनारे लगे होर्डिंग भी दुर्घटना के कारण
सुप्रिया रोड के दोनों किनारों पर एक लाइन में बड़ी संख्या में विज्ञापन के बोर्ड लगा दिए गए हैं। इन बोर्डों के कारण वाहन चालकों का ध्यान भटकता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
कई स्थानों पर ये बोर्ड दृश्यता भी कम कर देते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क किनारे लगे अनावश्यक होर्डिंग हटाने की भी मांग की है, ताकि यातायात व्यवस्था सुरक्षित और सुचारु हो सके।