हरियाणा सरकार ने प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विकास को एक नई और आधुनिक दिशा देने के लिए दूरदर्शी पहल शुरू की है। सरकार ने सीधे जनता से सुझाव आमंत्रित किए हैं।
उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा गठित सातवां राज्य वित्त आयोग अब सीधे जनता के द्वार पहुंचकर उनके सुझाव आमंत्रित कर रहा है।
पंचायती राज और शहरी निकायों को मजबूत बनाने की पहल
उपायुक्त ने बताया कि इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करना और उन्हें इतना सशक्त बनाना है कि जमीनी स्तर पर विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी न रहे।
उन्होंने कहा कि विकास योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, इसके लिए सरकार ने सहभागी और पारदर्शी दृष्टिकोण अपनाया है।
आम नागरिक भी दे सकेंगे सुझाव
उपायुक्त ने बताया कि अब जिले का कोई भी आम नागरिक, निर्वाचित प्रतिनिधि जैसे सरपंच, पंच, पार्षद, विषय विशेषज्ञ या समाजसेवी अपने अनुभव के आधार पर सरकार को सीधे अपनी राय भेज सकता है।इसके लिए आयोग ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए विशेष गूगल फॉर्म तैयार किए हैं, ताकि सुझाव भेजने की प्रक्रिया सरल और सुलभ हो सके। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे सुझाव भी भविष्य में बड़े प्रशासनिक और वित्तीय सुधारों का आधार बन सकते हैं, जिससे जन-जन का कल्याण सुनिश्चित होगा।शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग गूगल फॉर्म
उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि शहरी क्षेत्र के विकास, स्वच्छता या बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए सुझाव देने के लिए गूगल फाॅर्म का लिंक जारी किया गया है। इसके साथ ही ग्रामीण अंचल की पंचायतों को अधिक साधन-संपन्न और आत्मनिर्भर बनाने से जुड़े सुझावों के लिए भी गूगल फार्म का लिंक जारी किया गया है।गया है।
तकनीकी जानकारी के लिए कर सकते हैं संपर्क
किसी भी प्रकार की तकनीकी जानकारी या समन्वय के लिए आयोग के प्रतिनिधि युवराज सभरवाल से मोबाइल नंबर 94638-04009 पर संपर्क किया जा सकता है। उपायुक्त ने जिले के सभी प्रबुद्ध नागरिकों से इस महत्वपूर्ण कार्य में बढ़-चढ़कर भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।