इंडियन आयल कंपनी (आईओसी) के अधिकारी की गाड़ी पर लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग के मामले में प्रशासन की कार्रवाई जारी है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव सुरेंद्र सिंह सागर के तीन पेट्रोल पंपों को सील करने की रिपोर्ट प्रशासन ने पेट्रोलियम कंपनी को भेजी है। प्रशासन की ओर से भेजी रिपोर्ट में पंपों के लाइसेंस निरस्तीकरण की संस्तुति की गई है।
समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। इसकी वजह उनके बेटे हिमांशु सागर बने हैं। सपा नेता के जिले में कई पेट्रोल पंप संचालित हैं, जो उन्होंने अपने रिश्तेदारों के नाम से ले रखे हैं। इनमें ज्यादातर पंप इंडियन आयल कंपनी के हैं।दो माह पहले उनके बेटे का इंडियन आयल कंपनी के फील्ड ऑफिसर अनिल कुमार से विवाद हो गया था। आरोप है कि 14 जनवरी की रात सपा नेता के बेटे ने फील्ड ऑफिसर की कार पर फायरिंग की थी। फायरिंग के दौरान सपा नेता का भतीजा नितिन भी साथ था।फायरिंग सपा नेता की लाइसेंसी पिस्टल से की गई थी। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद एसपी ने सपा नेता के पिस्टल का लाइसेंस निरस्त कराने के लिए जिलाधिकारी को आख्या भेजी थी। जिलाधिकारी न्यायालय ने 20 मार्च को सपा नेता का शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया था। इसके बाद उनके तीन पेट्रोल पंपों पर छापे मारे गए।
हालांकि तीनों पेट्रोल पंप सपा नेता के रिश्तेदारों के नाम पर हैं। इनमें एक पंप मिलक के ग्राम विक्रमपुर में सागर फिलिंग स्टेशन के नाम से है। इस पंप पर पहले से ही बिक्री बंद थी। उसे सील करते हुए टीम ने बिक्री लाइसेंस निलंबित कर दिया है।
यह पंप एचपीसीएल कंपनी का है। इसके अलावा मैसर्स सागर फ्यूल भमरौआ और सागर फ्यूल ग्राम रूपपुर तहसील शाहाबाद स्थित पंपों को भी सील करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह दोनों पंर इंडियन आयल कंपनी का है।
जिला पूर्ति अधिकारी पूरन सिंह चौहान ने बताया कि पंपों पर निरीक्षण की कार्रवाई की रिपोर्ट आयल इंडियन कंपनी के सेल्स ऑफिसर रितेश जैन को उपलब्ध करा दी है। उनके द्वारा कंपनी के उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट दी जाएगी।
कंपनी के डिवीजनल हेड बरेली हिमांशु शर्मा ने बताया कि निरीक्षण आख्या के अनुसार पंप के निलंबन या निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के आरोप पत्र में सुरेंद्र सागर का भी नाम
इंडियन आयल कंपनी के अधिकारी की गाड़ी पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने पहले अज्ञात में प्राथमिकी दर्ज की थी। बाद में सीसी कैमरे की रिकार्डिंग व अन्य साक्ष्यों के बाद पुलिस ने फायरिंग के आरोप में सपा नेता के बेटे और भतीजे को गिरफ्तार किया था। फायरिंग में प्रयुक्त कार और पिस्टल भी बरामद की थी। पुलिस की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि फायरिंग में सपा नेता का लाइसेंसी पिस्टल इस्तेमाल किया गया।






