वाराणसी में दवा कारोबारियों और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन, जिला वाराणसी के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष संदीप चतुर्वेदी के नेतृत्व में वाराणसी मंडल के आयुक्त एस. राजलिगंम से मुलाकात कर अपनी समस्याएं और शिकायतें उनके समक्ष रखीं।
प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त को बताया कि वाराणसी का एफडीए प्रशासन दवा विक्रय लाइसेंसों के नवीनीकरण (Renewal) और रिटेंशन की प्रक्रिया में दवा कारोबारियों का अनावश्यक उत्पीड़न कर रहा है। उनका आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर ऐसी कार्रवाई की जा रही है, जिससे लंबे समय से व्यवसाय कर रहे लाइसेंसधारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि शहर में कई ऐसी दवा फर्में हैं जो वर्षों से नियमों के तहत संचालित हो रही हैं। इन फर्मों के खिलाफ न तो कोई विभागीय जांच लंबित है और न ही किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई चल रही है। इसके बावजूद संबंधित कारोबारियों को दुकानों के आकार और क्षेत्रफल को लेकर नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से दवा कारोबारियों में असमंजस और चिंता का माहौल है। उनका आरोप है कि जिन लाइसेंसों को पूर्व में संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा नियमानुसार स्वीकृति प्रदान की गई थी, अब उन्हीं मामलों में सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि वर्तमान प्रशासनिक कार्रवाई अप्रत्यक्ष रूप से पूर्व अधिकारियों के निर्णयों पर भी प्रश्नचिह्न लगा रही है।
दवा व्यापारियों ने मंडलायुक्त से मांग की कि लाइसेंस नवीनीकरण और रिटेंशन प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यावहारिक बनाया जाए, ताकि नियमों का पालन करने वाले कारोबारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई कानून और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए, लेकिन व्यापारियों के हितों और व्यावहारिक परिस्थितियों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त से पूरे मामले की जांच कराने और दवा कारोबारियों की समस्याओं के समाधान के लिए उचित हस्तक्षेप करने की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया गया तो भविष्य में संगठन आगे की रणनीति पर विचार कर सकता है।
मंडलायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और मामले से संबंधित बिंदुओं की जानकारी ली। फिलहाल इस मुद्दे पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन दवा कारोबारियों को उम्मीद है कि उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस घटनाक्रम के बाद वाराणसी में दवा व्यापारियों और एफडीए प्रशासन के बीच चल रहा विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में प्रशासन की प्रतिक्रिया और संभावित कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।#VaranasiNews #FDAVaranasi #ChemistAssociation #DrugLicense #MedicalStore #DrugTraders #FDAControversy #UPNews #BusinessNews #BreakingNews


