श्रीनगर में भीख मांगने पर प्रतिबंध, प्रशासन ने शुरू किया विशेष पुनर्वास अभियान

श्रीनगर। ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में भिखारियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे जिले में भीख मांगने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार की एसएमआईएलई (SMILE – Support for Marginalized Individuals for Livelihood and Enterprise) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को भी तेज कर दिया गया है, ताकि जरूरतमंद लोगों के पुनर्वास और आजीविका के अवसर सुनिश्चित किए जा सकें।

प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य केवल भीख मांगने पर रोक लगाना नहीं, बल्कि ऐसे लोगों को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक जीवन और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए संबंधित विभागों और एजेंसियों को सक्रिय किया गया है।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि यदि कहीं भी कोई व्यक्ति भीख मांगता दिखाई दे, तो इसकी जानकारी तुरंत प्रशासन या संबंधित विभाग को दी जाए, ताकि ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जा सके।

मोबाइल प्रचार वाहनों के जरिए जागरूकता अभियान

प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशासन ने शहर के विभिन्न हिस्सों में मोबाइल प्रचार वाहन तैनात किए हैं। ये वाहन लोगों को भीख मांगने पर लगाए गए प्रतिबंध की जानकारी देने के साथ-साथ सरकार की पुनर्वास योजनाओं के बारे में भी जागरूक कर रहे हैं।

प्रचार अभियान के दौरान नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे भिक्षावृत्ति को बढ़ावा देने के बजाय प्रशासन के साथ सहयोग करें और जरूरतमंद लोगों को पुनर्वास योजनाओं से जोड़ने में मदद करें।

पुनर्वास पर रहेगा विशेष फोकस

अधिकारियों के अनुसार एसएमआईएलई योजना के तहत भिक्षावृत्ति में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें कौशल विकास, रोजगार, आश्रय और अन्य सामाजिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इसका उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और समाज की मुख्यधारा में शामिल करना है।

प्रशासन का मानना है कि केवल प्रतिबंध लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, इसलिए पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा उपायों को समानांतर रूप से लागू किया जा रहा है। इससे भिक्षावृत्ति की समस्या को स्थायी रूप से कम करने में मदद मिलेगी।

नागरिकों से सहयोग की अपील

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान की सफलता जनसहभागिता पर निर्भर करेगी। लोगों से अपील की गई है कि वे सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और प्रमुख चौराहों पर भीख मांगने वाले व्यक्तियों की जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि उन्हें आवश्यक सहायता और पुनर्वास सेवाएं प्रदान की जा सकें।

प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से श्रीनगर में भिक्षावृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।#Srinagar #JammuKashmir #BeggingBan #SMILEScheme #Rehabilitation #SocialWelfare #KashmirNews #GovernmentScheme #PublicAwareness #LatestNews #BreakingNews #SocialDevelopment #LivelihoodSupport #IndiaNews #SrinagarUpdates

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