जिले के 56 जर्जर परिषदीय विद्यालयों की होगी मरम्मत, जिला प्रशासन को भेजा गया प्रस्ताव

जनपद के जर्जर हो चुके 56 परिषदीय विद्यालयों के दिन अब बदलने वाले हैं। इन विद्यालयों की मरम्मत और आवश्यक निर्माण कार्य कराने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेज दिया है। प्रशासनिक मंजूरी मिलते ही इन स्कूलों में निर्माण और मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, इन विद्यालयों के जीर्णोद्धार के लिए जिला खनिज निधि (DMF) और क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड का उपयोग किए जाने की योजना बनाई गई है। इससे लंबे समय से जर्जर भवनों में पढ़ाई कर रहे बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।

फिलहाल संबंधित विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों की पढ़ाई अतिरिक्त कक्षों, बरामदों और वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से संचालित की जा रही है। कई स्कूलों की इमारतें इतनी खराब स्थिति में पहुंच चुकी हैं कि वहां नियमित रूप से कक्षाएं संचालित करना जोखिम भरा हो गया है।

इसी क्रम में बभनी ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय सालेनाग का भवन पूरी तरह जर्जर हो जाने के कारण विभागीय स्तर पर उसे ध्वस्त भी कराया जा चुका है। भवन गिराए जाने के बाद यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राएं फिलहाल बरामदे और अतिरिक्त कक्षों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

शिक्षा विभाग का मानना है कि प्रस्ताव को प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद मरम्मत और निर्माण कार्य में तेजी आएगी, जिससे विद्यार्थियों को सुरक्षित भवन और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित परिषदीय विद्यालयों की स्थिति सुधारने की दिशा में इस पहल को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ विद्यार्थियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।#EducationNews #GovernmentSchools #CSRFund #DMF #SchoolRepair #BasicEducation #UPNews #SchoolInfrastructure #EducationDepartment #BreakingNews

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