भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। सुरक्षा और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने पहली बार देश में जेट इंजन वाले विमान की सैटेलाइट-बेस्ड लैंडिंग सफलतापूर्वक कराई है।
इस ऐतिहासिक परीक्षण के तहत उदयपुर एयरपोर्ट पर इंडिगो के एयरबस A320 विमान की लैंडिंग के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा विकसित ‘गगन’ (GPS Aided GEO Augmented Navigation) प्रणाली का उपयोग किया गया।
यह पहली बार है जब भारत में किसी जेट इंजन वाले व्यावसायिक विमान ने सैटेलाइट आधारित लैंडिंग प्रणाली की सहायता से सुरक्षित लैंडिंग की है। इससे पहले कुछ वर्ष पहले टर्बोप्रॉप ATR विमानों पर इस तकनीक का सफल परीक्षण और उपयोग किया जा चुका है।
क्या है ‘गगन’ सिस्टम?
‘गगन’ यानी GPS Aided GEO Augmented Navigation, भारत की स्वदेशी सैटेलाइट आधारित नेविगेशन प्रणाली है, जिसे ISRO और AAI ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। यह प्रणाली विमानों को अधिक सटीक नेविगेशन और लैंडिंग सहायता प्रदान करती है, विशेष रूप से खराब मौसम या सीमित दृश्यता की स्थिति में।
यह तकनीक विमान की स्थिति, ऊंचाई और दिशा से जुड़ी सूचनाओं को अधिक सटीक बनाती है, जिससे पायलटों को सुरक्षित लैंडिंग में मदद मिलती है।
छोटे हवाई अड्डों के लिए साबित हो सकती है गेम-चेंजर
विशेषज्ञों के अनुसार, सैटेलाइट-बेस्ड लैंडिंग सिस्टम उन छोटे और क्षेत्रीय हवाई अड्डों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, जहां महंगे इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) स्थापित नहीं हैं।
नई तकनीक की मदद से ऐसे हवाई अड्डों पर भी विमान सुरक्षित और सटीक तरीके से लैंड कर सकेंगे। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ उड़ान सुरक्षा में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।
दुनिया में पहले से हो रहा है इस्तेमाल
सैटेलाइट लैंडिंग सिस्टम (SLS) का उपयोग दुनिया के कई देशों में किया जा रहा है। यूरोप में इस तकनीक को सबसे पहले वर्ष 2015 में एयरबस A320 विमान के साथ व्यावसायिक सेवा में शामिल किया गया था।
भारत में जेट विमान पर इस तकनीक का सफल उपयोग देश के विमानन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है और इससे भविष्य में अधिक एयरपोर्ट्स पर आधुनिक नेविगेशन तकनीकों को अपनाने का रास्ता खुलेगा।
नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि ‘गगन’ जैसी स्वदेशी तकनीकों का विस्तार भारत के विमानन ढांचे को और अधिक सुरक्षित, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।#DGCA #ISRO #GAGAN #AviationNews #IndiGo #AirbusA320 #SatelliteLanding #IndianAviation #Technology #BreakingNews