नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जिसे जेवर एयरपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है, अपनी विशालता और आधुनिक सुविधाओं के साथ अब एक और बड़ी उपलब्धि के कारण चर्चा में है। यह देश का पहला ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट बन गया है, जिसके निर्माण में ग्रीन सीमेंट का उपयोग किया गया है।
ग्रीन सीमेंट को पारंपरिक सीमेंट की तुलना में अधिक पर्यावरण अनुकूल माना जाता है। इसके निर्माण में उन पदार्थों का उपयोग किया जाता है जिन्हें आमतौर पर औद्योगिक या निर्माण संबंधी कचरा समझा जाता है, जैसे पत्थरों के अवशेष, मिट्टी और अन्य उप-उत्पाद। इससे प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव कम होता है और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रीन सीमेंट का उपयोग ऊर्जा की बचत के साथ-साथ टिकाऊ निर्माण को बढ़ावा देता है। यही वजह है कि दुनिया के कई देशों में अब पर्यावरण के अनुकूल निर्माण परियोजनाओं में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।
हालांकि, वर्तमान समय में ग्रीन सीमेंट का उत्पादन सीमित मात्रा में हो रहा है, जिसके कारण इसकी लागत सामान्य सीमेंट की तुलना में अधिक है। लेकिन उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ इसकी कीमतों में कमी आ सकती है।
जेवर एयरपोर्ट में ग्रीन सीमेंट के इस्तेमाल को भारत के निर्माण क्षेत्र में एक नई शुरुआत माना जा रहा है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भविष्य की बड़ी परियोजनाओं में भी टिकाऊ और ऊर्जा दक्ष निर्माण सामग्री के उपयोग को प्रोत्साहन मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की तकनीकों को बड़े पैमाने पर अपनाया जाता है, तो निर्माण क्षेत्र से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है। ऐसे में जेवर एयरपोर्ट आने वाले समय में देश के लिए एक मॉडल ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के रूप में उभर सकता है।#JewarAirport #NoidaInternationalAirport #GreenCement #SustainableDevelopment #GreenInfrastructure #EcoFriendly #Environment #Construction #SmartInfrastructure #UttarPradesh #GreenTechnology #InfrastructureNews #BreakingNews #IndiaDevelopment #ClimateAction