नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तरल प्राकृतिक गैस (LNG) की आपूर्ति सामान्य होने के बाद केंद्र सरकार ने प्राकृतिक गैस आपूर्ति पर लगाए गए अधिकांश आपातकालीन प्रतिबंध वापस लेने का निर्णय लिया है। इससे देश में गैस आपूर्ति व्यवस्था के सामान्य होने की उम्मीद बढ़ गई है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को अधिसूचना जारी कर प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश, 2026 में संशोधन किया। संशोधन के तहत उन प्रमुख प्रावधानों को हटा दिया गया है, जिन्हें आपातकालीन स्थिति के दौरान लागू किया गया था।
प्राथमिकता आधारित गैस आवंटन व्यवस्था समाप्त
सरकार द्वारा लगाए गए इन प्रावधानों के तहत घरेलू और आयातित प्राकृतिक गैस की आपूर्ति एक निर्धारित प्राथमिकता सूची के अनुसार की जा रही थी। इसका उद्देश्य संभावित आपूर्ति संकट के दौरान आवश्यक क्षेत्रों को निर्बाध गैस उपलब्ध कराना था।
अब एलएनजी आपूर्ति सामान्य होने और वैश्विक परिस्थितियों में सुधार के बाद सरकार ने इन अस्थायी प्रतिबंधों को हटाने का फैसला लिया है।
पश्चिम एशिया में हालात सुधरने से मिली राहत
हाल के समय में पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई थी। इसी को देखते हुए सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए गैस आपूर्ति पर विशेष विनियमन लागू किया था।
अब स्थिति सामान्य होने और एलएनजी की नियमित आपूर्ति बहाल होने के बाद सरकार ने गैस वितरण व्यवस्था को पहले की तरह संचालित करने का रास्ता साफ कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से गैस आधारित उद्योगों, ऊर्जा क्षेत्र और अन्य उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। साथ ही प्राकृतिक गैस की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था में लचीलापन बढ़ेगा तथा बाजार की सामान्य गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगी।#NaturalGas #LNG #EnergyNews #Petroleum #India #WestAsia #Economy #HindiNews