नई दिल्ली। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने 2025-26 शैक्षणिक सत्र के दौरान देशभर में 58 इंजीनियरिंग कॉलेजों को बंद किए जाने की जानकारी दी है। परिषद के अनुसार, इन संस्थानों को विभिन्न कारणों से चरणबद्ध तरीके से बंद किया गया है। इसके अलावा देशभर के तकनीकी और इंजीनियरिंग संस्थानों में संचालित 950 से अधिक पाठ्यक्रमों (कोर्स) को भी समाप्त कर दिया गया है।
AICTE ने स्पष्ट किया है कि इन संस्थानों में पहले से अध्ययनरत छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। ऐसे सभी विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार डिग्री पूरी करने की अनुमति दी जाएगी।
तीन सरकारी सहायता प्राप्त, बाकी निजी संस्थान
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बंद किए गए 58 इंजीनियरिंग कॉलेजों में तीन सरकारी सहायता प्राप्त (Government-Aided) संस्थान शामिल हैं, जबकि शेष सभी निजी क्षेत्र द्वारा संचालित कॉलेज हैं।
चरणबद्ध तरीके से किया गया बंद
AICTE के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन कॉलेजों को चरणबद्ध (Phased Closure) तरीके से बंद किया गया है। इसका अर्थ यह है कि जिस शैक्षणिक वर्ष तक संस्थान को मान्यता प्राप्त है, उस अवधि में पहले से नामांकित छात्र अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे। हालांकि, संबंधित संस्थानों को नए शैक्षणिक सत्र में प्रथम वर्ष के छात्रों का प्रवेश लेने की अनुमति नहीं होगी।
छात्रों पर क्या होगा असर?
परिषद के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य वर्तमान छात्रों की पढ़ाई प्रभावित किए बिना संस्थानों को व्यवस्थित तरीके से बंद करना है। नए छात्रों के प्रवेश पर रोक रहेगी, जबकि पहले से नामांकित छात्रों की कक्षाएं, परीक्षाएं और डिग्री प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी कराई जाएगी।
AICTE का यह कदम तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता, संसाधनों के बेहतर उपयोग और नियामकीय मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।#AICTE #EngineeringColleges #TechnicalEducation #HigherEducation #Engineering #EducationNews #CollegeAdmission #HindiNews