माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एसीएफ) के अनुरूप उत्तर प्रदेश की राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा (एससीएफ) तैयार कर रहा है। इसके लिए यूपी बोर्ड मुख्यालय में सोमवार से पांच दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई है।
कार्यशाला में माध्यमिक स्तर की नई पाठ्यचर्या विकसित करने के लिए परिषद के अधिकारी, शिक्षाविद, विषय विशेषज्ञ, अनुभवी शिक्षक तथा प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर के बाहर से कुछ विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इसके अलावा कुछ विशेषज्ञ आनलाइन माध्यम से इस कार्याशाला में उपलब्ध होंगे।कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने कहा कि राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा का विकास प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन साबित होगा। पाठ्यचर्या तैयार करते समय प्रदेश के गौरवशाली इतिहास, सामाजिक-सांस्कृतिक विविधता तथा स्थानीय आवश्यकताओं को विशेष महत्व दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि दक्षता आधारित अधिगम और मूल्यांकन को भी इसका अभिन्न हिस्सा बनाया जाएगा, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान रूप से लाभ मिल सके। कार्यशाला से प्राप्त सुझावों के आधार पर प्रदेश की नई शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक, समावेशी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 का उद्देश्य भी यही है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के अपर सचिव स्कंद शुक्ल ने कार्यशाला के प्रतिभागियों को इस आयोजन के उद्देश्यों से अवगत कराया। कहा कि गहन मंथन के बाद उत्तर प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसी आधार पर आगे विभिन्न विषयों के पाठ्यक्रम और नई पाठ्यपुस्तकों का निर्माण भी किया जाएगा।
पहले दिन 6 जुलाई को प्रतिभागियों को विषयवार विभिन्न टीमों में विभाजित कर विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा कराई गई। प्रथम दिवस की कार्यवाही का संचालन उप सचिव (प्रशासन) ऋचा श्रीवास्तव ने किया।