जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र में फर्जीवाड़े पर केंद्र सख्त, अब एक साल बाद पंजीकरण के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति जरूरी

नई दिल्ली। बच्चों के जन्म और मृत्यु के पंजीकरण में सामने आ रहे कथित फर्जीवाड़े को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इस संबंध में भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर जन्म एवं मृत्यु निबंधन नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

केंद्र ने राज्यों को निर्देश दिया है कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था की निगरानी के लिए राज्य और जिला स्तर पर गठित समितियों की बैठक नियमित रूप से आयोजित की जाए। साथ ही, प्रक्रिया की लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है।

एक साल बाद जन्म प्रमाणपत्र के लिए लेनी होगी अनुमति

महारजिस्ट्रार कार्यालय के निर्देशों के अनुसार, अब एक वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र सामान्य प्रक्रिया के तहत जारी नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में जिला मजिस्ट्रेट, उनके द्वारा अधिकृत मजिस्ट्रेट या अनुमंडल मजिस्ट्रेट की अनुमति के बाद ही जन्म प्रमाणपत्र बनाया जा सकेगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य जन्म पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और गलत दस्तावेजों के आधार पर प्रमाणपत्र जारी होने की संभावनाओं को रोकना है।

राज्यों को सख्त निगरानी के निर्देश

केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण से जुड़े मामलों में नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी अनियमितता को रोकने के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित किया जाए।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद देर से किए जाने वाले जन्म पंजीकरण की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक जांच-पड़ताल वाली होगी।BirthCertificate #GovernmentRules #IndiaNews #RegistrationRules #CentralGovernment

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