जिला महिला अस्पताल में लगेगा हाईटेक फायर सेफ्टी सिस्टम, धुआं उठते ही बजेगा अलार्म और शुरू होगा पानी का छिड़काव

जिला महिला अस्पताल में प्रसूताओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अत्याधुनिक अग्निशमन व्यवस्था स्थापित की जाएगी। अस्पताल में अब हाईटेक फायर फाइटिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिसके तहत वार्डों सहित महत्वपूर्ण स्थानों पर स्मोक और हीट डिटेक्टर सेंसर लगाए जाएंगे।

इस नई व्यवस्था के तहत अस्पताल की गलियों या वार्डों में धुआं या अत्यधिक गर्मी महसूस होते ही सेंसर सक्रिय हो जाएंगे। इसके बाद तुरंत अलार्म बजने लगेगा और ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम के माध्यम से पानी का छिड़काव शुरू हो जाएगा, जिससे आग पर शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रण पाया जा सकेगा।

शासन को भेजा गया बजट प्रस्ताव

अस्पताल प्रशासन ने इस आधुनिक अग्निशमन प्रणाली के लिए स्टीमेट तैयार कर शासन को बजट स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। स्वीकृति मिलने के बाद अस्पताल में फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने का काम शुरू किया जाएगा।

रोजाना बड़ी संख्या में पहुंचती हैं महिला मरीज

जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 200 से 250 महिलाएं ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचती हैं। वहीं रोजाना लगभग 30 से 40 प्रसव कराए जाते हैं। प्रसव के बाद अस्पताल में करीब 20 से 25 प्रसूताओं और 10 से 12 नवजात शिशुओं को भर्ती रखा जाता है।

वर्तमान में अस्पताल में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध हैं, लेकिन अब सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए वार्डों, आईसीयू और लेबर रूम में अत्याधुनिक सेंसर आधारित फायर फाइटिंग सिस्टम लगाया जाएगा।

कंट्रोल पैनल से जुड़े रहेंगे सभी सेंसर

नए सिस्टम में वार्डों और कमरों में लगे सेंसर एक कंट्रोल पैनल से जुड़े रहेंगे। किसी भी स्थान पर आग का खतरा उत्पन्न होने पर अस्पताल कर्मचारियों को तुरंत इसकी जानकारी मिल जाएगी। प्रभावित क्षेत्र में स्वचालित रूप से पानी का छिड़काव शुरू होकर आग को नियंत्रित करने में मदद करेगा।

यह पहल अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं और नवजातों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।DistrictWomenHospital #FireSafetySystem #HospitalSafety #NewbornSafety #HealthcareNews

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