उत्तर प्रदेश के सैदनगली थाना क्षेत्र में 24 वर्षीय दलित युवती के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने के बाद उसके परिजनों ने एक अस्पताल संचालक पर प्रलोभन देकर जबरन मतांतरण कराने की आशंका जताई है। मामले को लेकर परिजनों ने अस्पताल के बाहर धरना दिया, जिसके बाद पुलिस ने अस्पताल संचालक समेत चार नामजद और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों के अनुसार युवती ने पहले एएनएम के रूप में कार्य किया था। युवती के पिता का आरोप है कि उनकी बेटी 7 जुलाई को घर से निकली थी, जिसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका। इस संबंध में उन्होंने रहरा-संभल बाईपास स्थित एक अस्पताल के संचालक पर संदेह जताते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) पंकज कुमार त्यागी को तहरीर सौंपी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर अस्पताल संचालक अट्टन, शाहनवाज, नाजरीन और जुनैद को नामजद करते हुए तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
इधर, युवती के परिजनों के समर्थन में बजरंग दल के कार्यकर्ता भी अस्पताल पहुंच गए और अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन करते हुए हंगामा किया। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर स्थिति को शांत कराया।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।#UttarPradesh #MissingWoman #ConversionCase #PoliceInvestigation #CrimeNews #HindiNews






