बिलासपुर: नाबालिगों से शराब के लिए मांगे पैसे, इनकार करने पर बेरहमी से की पिटाई; दो नामजद समेत कई पर FIR

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नाबालिग युवकों से शराब पीने के लिए रुपये मांगने और इनकार करने पर उनके साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है। पीड़ित के बड़े भाई की शिकाकैमूर जिले का प्राचीन बैजनाथ धाम केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि भारतीय स्थापत्य कला, इतिहास और तंत्र साधना की अद्भुत विरासत भी है।

सावन के महीने में यहां भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए बिहार ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।

विशेष रूप से यूपी के जमानियां से कांवड़िए गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हुए बैजनाथ धाम पहुंचते हैं और शिवलिंग का अभिषेक करते हैं।

धार्मिक मान्यता के साथ-साथ यह मंदिर अपनी अनूठी वास्तुकला और दुर्लभ मूर्तिकला के कारण भी देशभर के इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है।

यही वजह है कि वर्ष 1813 में प्रसिद्ध अंग्रेज सर्वेयर फ्रांसिस बुकानन ने भी इस मंदिर का भ्रमण कर इसकी स्थापत्य विशेषताओं का विस्तृत उल्लेख अपने यात्रा वृत्तांत में किया था।

खजुराहो की स्थापत्य शैली की झलक

बैजनाथ धाम को अक्सर ‘बिहार का खजुराहो’ कहा जाता है। इसका कारण मंदिर की वास्तुकला और परिसर में मौजूद दुर्लभ शिल्पकृतियां हैं।

माना जाता है कि यह मंदिर चंदेलकालीन स्थापत्य शैली में निर्मित है और इसकी संरचना मध्य प्रदेश के खजुराहो स्थित कंदरिया महादेव मंदिर से काफी मिलती-जुलती है।

मंदिर का निर्माण दुर्लभ अष्टकोणीय आधार पर किया गया है। परिसर में मकर तोरणद्वार के अवशेष, अलंकृत स्तंभ और पत्थरों पर उकेरी गई उत्कृष्ट कलाकृतियां इसकी भव्यता को दर्शाती हैं।

मंदिर की दीवारों और परिसर में अंकित मूर्तियों में नृत्यरत अप्सराएं, विभिन्न भाव-भंगिमाओं में सुंदरी प्रतिमाएं, त्रिमूर्ति भैरव, गणेश, वाराही, नटराज और अन्य देवी-देवताओं के साथ-साथ मैथुनरत मानव एवं पशुओं की मूर्तियां भी शामिल हैं।

इन कलाकृतियों को देखने के लिए श्रद्धालुओं के साथ बड़ी संख्या में इतिहास और कला में रुचि रखने वाले लोग भी यहां पहुंचते हैं।

तंत्र साधना का रहा प्रमुख केंद्र

इतिहासकारों के अनुसार बैजनाथ धाम प्राचीन काल में तंत्र साधना का एक महत्वपूर्ण केंद्र था। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग के अतिरिक्त उत्तरी दीवार पर योनि का अंकन भी इस परंपरा की पुष्टि करता है।

तांत्रिक परंपरा में नौ कुंडों का विशेष महत्व माना जाता है। इसी परंपरा के अनुरूप मंदिर परिसर के चारों कोनों पर ब्रह्म कुंड, विष्णु कुंड, रुद्र कुंड और ध्रुव कुंड का निर्माण कराया गया था।

इनमें से तीन कुंड आज भी मौजूद हैं और मंदिर की प्राचीनता के साक्ष्य के रूप में देखे जाते हैं।

चंदेल शासक धंग ने कराया था निर्माण

लोक मान्यताओं और ऐतिहासिक संदर्भों के अनुसार बैजनाथ मंदिर का निर्माण चंदेल वंश के प्रतापी शासक विद्याधर धंग ने कराया था।

चंदेल शासक शिवभक्त थे और उन्होंने ही खजुराहो के प्रसिद्ध कंदरिया महादेव मंदिर सहित कई भव्य मंदिरों का निर्माण भी कराया था। यही कारण है कि दोनों मंदिरों की स्थापत्य शैली और शिल्पकला में उल्लेखनीय समानता दिखाई देती है।

फ्रांसिस बुकानन ने भी किया था उल्लेख

बैजनाथ धाम की ख्याति दो शताब्दी पहले ही देश-विदेश तक पहुंच चुकी थी। प्रसिद्ध अंग्रेज सर्वेयर फ्रांसिस बुकानन 13 फरवरी 1813 को यहां पहुंचे थे।

उन्होंने अपने यात्रा वृत्तांत में मंदिर की स्थापत्य कला, चारों कुंडों तथा परिसर में स्थित ‘मकरध्वज योगी 700’ अंकित प्राचीन स्तंभ का उल्लेख किया है, जो आज भी मंदिर परिसर में सुरक्षित है।

बाद में वर्ष 1882 में ब्रिटिश पुरातत्वविद गैरिक ने भी इस मंदिर का भ्रमण कर इसकी ऐतिहासिक और कलात्मक विशेषताओं का अध्ययन किया था।

सावन में उमड़ती है आस्था

सावन के पूरे महीने बैजनाथ धाम में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। हर सोमवार और विशेष पर्वों पर यहां हजारों कांवड़िए गंगाजल लेकर पहुंचते हैं और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं।

धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक महत्व और अद्वितीय स्थापत्य कला का संगम बैजनाथ धाम को बिहार की उन चुनिंदा धरोहरों में शामिल करता है, जहां हर वर्ष श्रद्धा के साथ-साथ इतिहास और संस्कृति को जानने की जिज्ञासा भी लोगों को खींच लाती है।

यत पर पुलिस ने दो नामजद आरोपियों समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

देर रात घर लौटते समय रोका रास्ता

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, 28 जुलाई 2026 की रात करीब 12:30 बजे सरकंडा बंधवापारा निवासी 18 वर्षीय विक्रम सिंह ठाकुर अपने दोस्तों शुभ तिवारी और ऋषि मानिकपुरी के साथ इलेक्ट्रिक वाहन से घर लौट रहा था। इसी दौरान देवकी नंदन चौक स्थित बाजपेयी ग्राउंड के पास पहले से मौजूद आरोपियों ने उनका रास्ता रोक लिया।

शराब के लिए रुपये मांगे, मना करने पर हमला

शिकायत में कहा गया है कि आदतन अपराधी बताए गए अमन गुप्ता और नमन सलूजा अपने अन्य साथियों के साथ वहां मौजूद थे। आरोप है कि उन्होंने तीनों युवकों से शराब पीने के लिए रुपये मांगे। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया तो आरोपी भड़क गए।

आरोप है कि अमन गुप्ता ने विक्रम सिंह ठाकुर के बाल पकड़कर उसे वाहन से नीचे खींच लिया। इसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर उसके सिर, चेहरे और आंख पर हाथ-मुक्कों से हमला किया। बीच-बचाव करने पहुंचे उसके दोनों दोस्तों को भी जान से मारने की धमकी दी गई। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

शिकायत के बाद दर्ज हुई FIR

घायल युवक ने घर पहुंचकर घटना की जानकारी अपने बड़े भाई को दी। इसके बाद 28 जुलाई की रात करीब 1:10 बजे सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर क्रमांक 1024/2026 दर्ज कर ली है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 115(2), 119(1), 126(2), 296, 3(5) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच एएसआई मस्तराम कश्यप को सौंपी गई है।

पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी

थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।#Bilaspur #BilaspurCrime #Chhattisgarh #CivilLinePolice #CrimeNews #BNS2023 #FIR #BreakingNews #ChhattisgarhPolice #BilaspurNews

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