हिमाचल प्रदेश में पुलिस अधीक्षक (एसपी) शिमला के सरकारी आवास साउथवुड की मरम्मत और रखरखाव पर हुए 14.07 लाख रुपये के खर्च को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मामले में पुलिस मुख्यालय ने गंभीर रुख अपनाते हुए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) से जांच कराने की सिफारिश की है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शिमला की रिपोर्ट में सरकारी धन के संभावित अनियमित उपयोग की आशंका व्यक्त की गई है। रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन एसपी संजीव कुमार गांधी सहित इस मामले से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की विस्तृत जांच कराने की अनुशंसा की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, एसपी के सरकारी आवास की मरम्मत और रखरखाव पर कुल 14,07,392 रुपये खर्च किए गए। इसमें से 11,57,392 रुपये जिला पुलिस के आवासीय मद से व्यय किए गए, जबकि शेष 2.50 लाख रुपये उस मद से खर्च किए गए थे, जिसे मूल रूप से एसडीएम (नागरिक) ठियोग ने पुलिस चौकी शोघी की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए स्वीकृत किया था।
अब पुलिस चौकी के लिए स्वीकृत धनराशि को एसपी आवास पर खर्च किए जाने सहित पूरे व्यय की वैधता और प्रक्रिया की जांच विजिलेंस के दायरे में रहेगी। जांच में यह भी परखा जाएगा कि सरकारी धन का उपयोग निर्धारित नियमों और स्वीकृत उद्देश्यों के अनुरूप किया गया था या नहीं।#Shimla #HimachalPradesh #Vigilance #PoliceNews #SPResidence #CorruptionProbe #GovernmentFunds #ShimlaNews #BreakingNews #IndiaNews