गोरखपुर को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक और बड़ी परियोजना जल्द साकार होने जा रही है। राजघाट से डोमिनगढ़ तक राप्ती नदी के किनारे लगभग 3.5 किलोमीटर लंबे हिस्से में लखनऊ के प्रसिद्ध गोमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर राप्ती रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा।
करीब 1,303 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) तैयार करा चुका है। अब सिंचाई विभाग के साथ तकनीकी स्तर पर चर्चा और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तैयार की गई है। योजना को अंतिम रूप देने के लिए जीडीए ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) प्रक्रिया के तहत वाराणसी की एक विशेषज्ञ फर्म का चयन किया था। यही फर्म वाराणसी के चर्चित नमो घाट के विकास का कार्य भी कर चुकी है।
विशेषज्ञ फर्म ने विस्तृत सर्वेक्षण और तकनीकी अध्ययन के बाद राप्ती रिवर फ्रंट की डीपीआर तैयार कर गोरखपुर विकास प्राधिकरण को सौंप दी है। अब विभागीय स्तर पर तकनीकी समीक्षा के बाद परियोजना को मंजूरी मिलने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राप्ती रिवर फ्रंट के विकसित होने से गोरखपुर में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ शहर की सुंदरता, आधारभूत सुविधाओं और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।#Gorakhpur #RaptiRiverFront #YogiAdityanath #UPNews #RiverFront #Development #Tourism #GDA #Infrastructure #BreakingNews