पंजाब से आलू की आपूर्ति शुरू होने के बाद ज़िले के आलू बाजार में कीमतों में तेज गिरावट देखी जा रही है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। कोल्ड स्टोरेज का किराया अब आलू की मिलने वाली कीमत से अधिक हो गया है, जिससे किसान अपने माल को स्टोरेज में रखने के लिए मजबूर हैं।
कम कीमतों के कारण किसानों को इस सीज़न में भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। ज़िले के किसान हर साल बड़ी मात्रा में आलू की खेती करते हैं। पिछले साल, 2024 में, किसानों को अपने आलू की अच्छी कीमतें मिलने से अच्छा लाभ हुआ था।
उस वर्ष बंपर फसल और रोगमुक्त फसल के कारण ज़िले के 20 कोल्ड स्टोरेज पूरी तरह भर गए थे। किसानों को अक्टूबर के मध्य तक अपने आलू की कीमतों में संतोषजनक रिटर्न मिलता रहा। इस दौरान ज़िला बागवानी विभाग ने किसानों से आग्रह किया था कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश से आलू आने की संभावना के मद्देनजर अपना माल पहले बेच दें। हालांकि, किसानों ने विभागीय सलाह को नजरअंदाज किया और अपने आलू को स्टोरेज में रखा।
इस साल, आलू की बढ़ती आपूर्ति और कम मांग के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है और वे अपने उत्पाद को सही मूल्य पर बेचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।PotatoPrice
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