महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच डिप्टी मुख्यमंत्री अजित पवार ने पिंपरी-चिंचवड नगर निगम चुनाव में अपने चाचा शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) के साथ गठबंधन करने की घोषणा कर सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
NCP के विभाजन के करीब दो साल बाद यह पहला मौका है जब अजित पवार गुट और शरद पवार गुट चुनावी मैदान में एक साथ उतरने जा रहे हैं। इस फैसले को महाराष्ट्र की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर तब जब राज्य में निकाय चुनावों को 2024 के लोकसभा और 2024–25 की विधानसभा राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अजित पवार ने कहा कि पिंपरी-चिंचवड नगर निगम चुनाव में दोनों गुटों ने मतभेद भुलाकर साथ चलने का फैसला किया है। उन्होंने मंच से कहा, “पिंपरी-चिंचवड नगर निगम चुनाव में अब ‘घड़ी’ और ‘तुरहा’ एक हो गए हैं। परिवार फिर से एकजुट हो गया है।”
गौरतलब है कि अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP का चुनाव चिह्न ‘घड़ी’ है, जबकि शरद पवार की NCP (SP) ‘तुरहा’ चुनाव चिह्न के साथ चुनाव लड़ती है। ऐसे में दोनों प्रतीकों का एक मंच पर आना न सिर्फ पिंपरी-चिंचवड बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह गठबंधन स्थानीय निकाय चुनावों में विपक्षी दलों के लिए चुनौती खड़ी कर सकता है और आगे चलकर राज्य की सियासत में बड़े बदलावों की भूमिका भी तैयार कर सकता है।#MaharashtraPolitics #LocalBodyElections #AjitPawar #SharadPawar #NCPAlliance #PimpriChinchwad #MunicipalElection