17 साल पुराने वैवाहिक विवाद में हाईकोर्ट का फैसला बरकरार, पत्नी को 50 लाख स्थायी गुजारा भत्ता

तेलंगाना उच्च न्यायालय ने लगभग 17 वर्ष पुराने एक वैवाहिक विवाद में फैमली कोर्ट द्वारा दिए गए तलाक के फैसले को बरकरार रखा है। इसके साथ ही अदालत ने पति को निर्देश दिया है कि वह लंबे समय से अलग रह रही पत्नी को 50 लाख रुपये की स्थायी गुजारा भत्ता राशि का भुगतान करे।

इस मामले की सुनवाई जस्टिस के. लक्ष्मण और जस्टिस नरसिंग राव नंदिकोंडा की खंडपीठ ने की। फैसले में अदालत ने स्पष्ट कहा कि द्रोणमराजू विजया लक्ष्मी और द्रोणमराजू श्रीकांत फणी कुमार के बीच वैवाहिक संबंध पूरी तरह से टूट चुके हैं।

हाईकोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि दोनों पक्षों के बीच पुनः साथ रहने या संबंध सुधारने की कोई वास्तविक संभावना नहीं बची है। ऐसे में, फैमली कोर्ट का तलाक संबंधी आदेश न केवल वैध है, बल्कि परिस्थितियों के अनुरूप भी है।

अदालत ने पत्नी के आर्थिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए पति को 50 लाख रुपये का स्थायी गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया, ताकि उसे जीवन यापन में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
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Author: Khushi Kumari

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