देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल के कारण 15 लोगों की मौत और 1,000 से अधिक लोग बीमार हुए हैं। इस आपदा के पीछे नगर निगम और महापौर के बीच समन्वयहीनता की भी गंभीर बात सामने आई है।
इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते और इस तरह के सिस्टम में काम करना असंभव है। उन्होंने बेबसी व्यक्त करते हुए कहा, “अधिकारी सुनते नहीं हैं। मैं ऐसे सिस्टम में काम नहीं कर सकता।”
महापौर के बयान के जवाब में मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शुक्रवार को भाजपा नेताओं को निशाना बनाया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह कौन कह रहा है कि हमारी योजना चली नहीं? जब आपकी योजना नहीं चली, तो आप पद पर रहते हुए बोतलबंद पानी क्यों पीते रहे? पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे? ऐसे कृत्यों का कोई औचित्य नहीं होता; या तो प्रायश्चित होना चाहिए या दंड मिलना चाहिए।
इस विवाद ने शहर में जल सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर बहस को और गर्मा दिया है।#IndoreWaterCrisis
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